महात्मा गांधी
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नेता · 1869-10-02 07:45 · पोरबंदर, गुजरात
लग्न
कन्या 25°00'08"
चंद्र राशि
कर्क
सूर्य राशि
कन्या
जन्म नक्षत्र
आश्लेषा 4
ग्रह स्थिति
| ग्रह | राशि | अंश | भाव | अवस्था |
|---|---|---|---|---|
| सूर्य | कन्या | 16°51'56" | 1 | मित्र |
| चंद्र | कर्क | 27°31'15" | 11 | स्वराशि |
| मंगल | तुला | 26°20'48" | 2 | शत्रु |
| बुध | तुला | 11°43'06" | 2 | सम |
| गुरु | मेष | 28°08'22" | 8 | सम |
| शुक्र | तुला | 24°21'57" | 2 | स्वराशि |
| शनि | वृश्चिक | 20°19'30" | 3 | सम |
| राहु | कर्क | 12°09'12" | 11 | शत्रु |
| केतु | मकर | 12°09'12" | 5 | मित्र |
योग
- गजकेसरी योग — चंद्र से केंद्र में गुरु: बुद्धि, प्रतिष्ठा और स्थायी यश।
- केमद्रुम भंग — चंद्र एकाकी है, किंतु चंद्र से केंद्र में स्थित ग्रह केमद्रुम का भंग करता है।
- राज योग — 1वें भाव का स्वामी (बुध) 9वें भाव के स्वामी (शुक्र) से संबंधित: अधिकार, प्रतिष्ठा, सफलता।
- राज योग — 4वें भाव का स्वामी (गुरु) 1वें भाव के स्वामी (बुध) से संबंधित: अधिकार, प्रतिष्ठा, सफलता।
- राज योग — 4वें भाव का स्वामी (गुरु) 9वें भाव के स्वामी (शुक्र) से संबंधित: अधिकार, प्रतिष्ठा, सफलता।
- धन योग — 2वें भाव का स्वामी (शुक्र) 1वें भाव के स्वामी (बुध) के साथ: धन संचय।
वर्तमान दशा:
पूर्ण कुंडली में खोलेंसभी कुंडलियाँ
जन्म विवरण सार्वजनिक स्रोतों से।